Wednesday, November 28, 2018

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को तबादले का ख़तरा

द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने तबादले के ख़तरे को लेकर बयान दिया है.

सत्यपाल मलिक ने कहा, ''पता नहीं कब तबादला हो जाए. नौकरी तो नहीं जाएगी, तबादले का ख़तरा रहता है, तो जब तक मैं यहां हूं.... मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि चिट्ठी भेज देना. मैं ज़रूर फूल चढ़ाने आऊंगा.''

सत्यपाल मलिक कांग्रेस नेता गिरधारी लाल डोगरा की 31वीं बरसी पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें बोल रहे थे.

इससे ठीक एक दिन पहले सत्यपाल मलिक ने कहा था, ''ये स्पष्ट कर दूं कि अगर मैं दिल्ली की तरफ़ देखता तो मुझे सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनाना पड़ता. लिहाज़ा मैंने मामले को ही ख़त्म कर दिया. अगर मैं ऐसा करता तो इतिहास मुझे बेईमान के रूप में याद करता. मैं बेईमान के तौर पर दर्ज नहीं होना चाहता. जो गाली देंगे, देंगे. लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि मैंने जो किया, वो सही किया.''

पहले पीएम होते पटेल तो किसान होते सुखी: पीएम मोदी
जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की एक चुनावी रैली में कहा कि अगर देश के पहले प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल होते तो किसान बहुत सुखी होते.

मोदी ने कहा, ''सरदार पटेल किसान के बेटे थे और वो किसानों की समस्याओं को समझते थे. आज जो लोग मूंग और मसूर में फ़र्क़ नहीं समझते हैं वो देश को किसानी समझाने के लिए घूम रहे हैं.''

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ''जो धरती से कटे हुए हैं, जिनका जन-जन से चार पीढ़ी तक नाता नहीं रहा है, वो लोग आपके दुखों को कभी नहीं समझ सकते.''

मोदी ने कहा, ''कांग्रेसी नेता किसानों का रोना रो रहे हैं. स्वामीनाथन आयोग ने नामदार की सरकार को दस साल पहले रिपोर्ट दी और उस वक़्त कहा था कि अगर किसानों को उनका लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी मिलेगा तो किसानों की ज़िंदगी मुसीबत मुक्त होगी.''

मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी देना शुरू किया है.

इस बीच दिल्ली में गुरुवार, शुक्रवार को देशभर से किसान अपनी मांगों के साथ प्रदर्शन के लिए जुटेंगे.

एसबीआई ने बढ़ाई ब्याज़ दर
अमर उजाला की ख़बर है कि भारतीय स्टेट बैंक ने एक करोड़ रुपए से कम की जमा पर ब्याज़ दरों में 5 से 10 आधार अंक यानी 0.10 फ़ीसदी तक की बढ़ोतरी की है.

एसबीआई के इस क़दम से एक से दो साल तक जमा की गई रक़म पर ब्याज़ दर 6.70 से बढ़ाकर 6.80 फ़ीसदी होगा.

वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 7.20 की जगह 7.30 फ़ीसदी ब्याज मिलेगा. इसके अलावा दो से तीन साल तक की जमा रकमों पर मिलने वाले ब्याज 6.75 से बढ़ाकर 6.80 फ़ीसदी किया जाएगा.

वरिष्ठ नागरिकों के मामले में ये इसे 0.5 फ़ीसद बढ़ाकर 7.30 फ़ीसद किया जाएगा.

बैंक की ओर से अन्य जमा अवधि की दरों में बदलाव नहीं किया गया है. तीन से पांच साल की जमा के लिए ब्याज दर 6.80 फ़ीसदी है.

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