ये ऐसा पर्यटन स्थल है जहां दुनिया में सबसे ज़्यादा पर्यटक पहुंचते हैं. मगर ये ख़ूबसूरत देश पिछले दिनों अलग वजह से चर्चा में रहा.
राजधानी पेरिस से लेकर छोटे क़स्बों तक से ऐसे आंदोलन की गूंज उठी जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा.
फ्रांस में कई सालों बाद इतना बड़ा आंदोलन देखा गया. इस आंदोलन का नाम था- येलो वेस्ट या येलो जैकेट मूवमेंट.
इसमें हिस्सा लेने वालों ने पीले रंग के वो जैकेट पहने हुए थे, जिन्हें सुरक्षा के लिहाज़ से पहना जाता है क्योंकि इनका चटख रंग ध्यान खींचता है.
फ्रांस में 2008 में बने क़ानून के मुताबिक़ वाहनों में इस तरह के जैकेट रखना अनिवार्य है ताकि गाड़ी कहीं ख़राब हो जाए तो इसे पहनकर उतरा जाए.
प्रदर्शनकारियों ने ये जैकेट सांकेतिक रूप से पहने हुए थे ताकि अपनी मांगों और समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान खींच सकें.
क्यों उठा यह आंदोलन
17 नवंबर 2018 को फ्रांस में येलो वेस्ट या येलो जैकेट मूवमेंट की शुरुआत हुई थी. यह आंदोलन इसके पड़ोसी देशों इटली, बेल्जियम और नीदरलैंड तक फैल गया था मगर वहां इतना क़ामयाब नहीं हो पाया.
लेकिन फ़्रांस में एक पखवाड़े से भी ज़्यादा समय से इस आंदोलन की धमक सुनाई दे रही है. राजधानी पेरिस से लेकर फ्रांस के अन्य प्रमुख शहरों और छोटे क़स्बों तक लाखों की संख्या में लोगों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया.
पेरिस में रह रहीं वरिष्ठ पत्रकार वैजू नरावने बताती हैं कि यह आंदोलन सोशल मीडिया से शुरू हुआ और मध्यम वर्ग के आर्थिक रूप से थोड़े कमज़ोर लोगों की आवाज़ बन गया.
वह बताती हैं, "एक महिला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा कि नए टैक्सों के कारण हमें जो परेशानी हो रही है, उसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन करना चाहिए. पहले 200 लोग जुड़े, फिर 400 हुए और धीरे-धीरे 10 लाख से ज़्यादा लोगों का रिस्पॉन्स मिला."
नरावने बताती हैं कि फ्रांस की सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर जो टैक्स लगाया है, लोगों को मुख्य रूप से उसी से परेशानी थी. सरकार चाहती है कि बिजली से चलने वाली गाड़ियों को प्रमोट किया जाए, इसलिए उसने डीज़ल पर टैक्स बढ़ा दिया. मगर इससे फ्रांस का एक बड़ा वर्ग परेशान हो गया.
वह बताती हैं कि यह मुख्य तौर पर मध्यमवर्ग का आंदोलन है.
"इन लोगों का कहना है कि हमारे पास डीज़ल की गाड़ियां हैं और हमारी हैसियत इतनी नहीं कि नई इलेक्ट्रिक कार खरीद सकें. भले ही आप हमें बोनस दे दें, मगर हम खरीद ही नहीं सकते. हम तो पिस रहे हैं मगर अमीरों को असर नहीं पड़ रहा क्योंकि वे शहर के बीचोबीच रहते हैं और उनकी हैसियत हमसे ज़्यादा है."
Thursday, December 6, 2018
Wednesday, November 28, 2018
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को तबादले का ख़तरा
द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने तबादले के ख़तरे को लेकर बयान दिया है.
सत्यपाल मलिक ने कहा, ''पता नहीं कब तबादला हो जाए. नौकरी तो नहीं जाएगी, तबादले का ख़तरा रहता है, तो जब तक मैं यहां हूं.... मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि चिट्ठी भेज देना. मैं ज़रूर फूल चढ़ाने आऊंगा.''
सत्यपाल मलिक कांग्रेस नेता गिरधारी लाल डोगरा की 31वीं बरसी पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें बोल रहे थे.
इससे ठीक एक दिन पहले सत्यपाल मलिक ने कहा था, ''ये स्पष्ट कर दूं कि अगर मैं दिल्ली की तरफ़ देखता तो मुझे सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनाना पड़ता. लिहाज़ा मैंने मामले को ही ख़त्म कर दिया. अगर मैं ऐसा करता तो इतिहास मुझे बेईमान के रूप में याद करता. मैं बेईमान के तौर पर दर्ज नहीं होना चाहता. जो गाली देंगे, देंगे. लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि मैंने जो किया, वो सही किया.''
पहले पीएम होते पटेल तो किसान होते सुखी: पीएम मोदी
जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की एक चुनावी रैली में कहा कि अगर देश के पहले प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल होते तो किसान बहुत सुखी होते.
मोदी ने कहा, ''सरदार पटेल किसान के बेटे थे और वो किसानों की समस्याओं को समझते थे. आज जो लोग मूंग और मसूर में फ़र्क़ नहीं समझते हैं वो देश को किसानी समझाने के लिए घूम रहे हैं.''
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ''जो धरती से कटे हुए हैं, जिनका जन-जन से चार पीढ़ी तक नाता नहीं रहा है, वो लोग आपके दुखों को कभी नहीं समझ सकते.''
मोदी ने कहा, ''कांग्रेसी नेता किसानों का रोना रो रहे हैं. स्वामीनाथन आयोग ने नामदार की सरकार को दस साल पहले रिपोर्ट दी और उस वक़्त कहा था कि अगर किसानों को उनका लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी मिलेगा तो किसानों की ज़िंदगी मुसीबत मुक्त होगी.''
मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी देना शुरू किया है.
इस बीच दिल्ली में गुरुवार, शुक्रवार को देशभर से किसान अपनी मांगों के साथ प्रदर्शन के लिए जुटेंगे.
एसबीआई ने बढ़ाई ब्याज़ दर
अमर उजाला की ख़बर है कि भारतीय स्टेट बैंक ने एक करोड़ रुपए से कम की जमा पर ब्याज़ दरों में 5 से 10 आधार अंक यानी 0.10 फ़ीसदी तक की बढ़ोतरी की है.
एसबीआई के इस क़दम से एक से दो साल तक जमा की गई रक़म पर ब्याज़ दर 6.70 से बढ़ाकर 6.80 फ़ीसदी होगा.
वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 7.20 की जगह 7.30 फ़ीसदी ब्याज मिलेगा. इसके अलावा दो से तीन साल तक की जमा रकमों पर मिलने वाले ब्याज 6.75 से बढ़ाकर 6.80 फ़ीसदी किया जाएगा.
वरिष्ठ नागरिकों के मामले में ये इसे 0.5 फ़ीसद बढ़ाकर 7.30 फ़ीसद किया जाएगा.
बैंक की ओर से अन्य जमा अवधि की दरों में बदलाव नहीं किया गया है. तीन से पांच साल की जमा के लिए ब्याज दर 6.80 फ़ीसदी है.
सत्यपाल मलिक ने कहा, ''पता नहीं कब तबादला हो जाए. नौकरी तो नहीं जाएगी, तबादले का ख़तरा रहता है, तो जब तक मैं यहां हूं.... मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि चिट्ठी भेज देना. मैं ज़रूर फूल चढ़ाने आऊंगा.''
सत्यपाल मलिक कांग्रेस नेता गिरधारी लाल डोगरा की 31वीं बरसी पर आयोजित एक कार्यक्रम में ये बातें बोल रहे थे.
इससे ठीक एक दिन पहले सत्यपाल मलिक ने कहा था, ''ये स्पष्ट कर दूं कि अगर मैं दिल्ली की तरफ़ देखता तो मुझे सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनाना पड़ता. लिहाज़ा मैंने मामले को ही ख़त्म कर दिया. अगर मैं ऐसा करता तो इतिहास मुझे बेईमान के रूप में याद करता. मैं बेईमान के तौर पर दर्ज नहीं होना चाहता. जो गाली देंगे, देंगे. लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि मैंने जो किया, वो सही किया.''
पहले पीएम होते पटेल तो किसान होते सुखी: पीएम मोदी
जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की एक चुनावी रैली में कहा कि अगर देश के पहले प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल होते तो किसान बहुत सुखी होते.
मोदी ने कहा, ''सरदार पटेल किसान के बेटे थे और वो किसानों की समस्याओं को समझते थे. आज जो लोग मूंग और मसूर में फ़र्क़ नहीं समझते हैं वो देश को किसानी समझाने के लिए घूम रहे हैं.''
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ''जो धरती से कटे हुए हैं, जिनका जन-जन से चार पीढ़ी तक नाता नहीं रहा है, वो लोग आपके दुखों को कभी नहीं समझ सकते.''
मोदी ने कहा, ''कांग्रेसी नेता किसानों का रोना रो रहे हैं. स्वामीनाथन आयोग ने नामदार की सरकार को दस साल पहले रिपोर्ट दी और उस वक़्त कहा था कि अगर किसानों को उनका लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी मिलेगा तो किसानों की ज़िंदगी मुसीबत मुक्त होगी.''
मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुणा एमएसपी देना शुरू किया है.
इस बीच दिल्ली में गुरुवार, शुक्रवार को देशभर से किसान अपनी मांगों के साथ प्रदर्शन के लिए जुटेंगे.
एसबीआई ने बढ़ाई ब्याज़ दर
अमर उजाला की ख़बर है कि भारतीय स्टेट बैंक ने एक करोड़ रुपए से कम की जमा पर ब्याज़ दरों में 5 से 10 आधार अंक यानी 0.10 फ़ीसदी तक की बढ़ोतरी की है.
एसबीआई के इस क़दम से एक से दो साल तक जमा की गई रक़म पर ब्याज़ दर 6.70 से बढ़ाकर 6.80 फ़ीसदी होगा.
वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 7.20 की जगह 7.30 फ़ीसदी ब्याज मिलेगा. इसके अलावा दो से तीन साल तक की जमा रकमों पर मिलने वाले ब्याज 6.75 से बढ़ाकर 6.80 फ़ीसदी किया जाएगा.
वरिष्ठ नागरिकों के मामले में ये इसे 0.5 फ़ीसद बढ़ाकर 7.30 फ़ीसद किया जाएगा.
बैंक की ओर से अन्य जमा अवधि की दरों में बदलाव नहीं किया गया है. तीन से पांच साल की जमा के लिए ब्याज दर 6.80 फ़ीसदी है.
Monday, November 26, 2018
गांगुली का खुलासा, बताया क्यों हुए थे PAK के खिलाफ टीम से बाहर
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली महिला क्रिकेट टीम की सबसे सीनियर खिलाड़ी मिताली राज को इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड टी-20 के सेमीफाइनल में बाहर किए जाने से हैरान नहीं है और उन्होंने कहा कि जब वह अपने करियर के चरम पर थे तब उन्हें भी इसी तरह से बाहर किया गया था.
वनडे टीम की कप्तान मिताली ने पाकिस्तान और आयरलैंड के खिलाफ अर्धशतक जमाए लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम लीग मैच से विश्राम दिया गया और इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी उन्हें अंतिम एकादश में नहीं रखा गया जिसमें भारत को आठ विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी.
गांगुली ने कहा, ‘भारत की कप्तानी करने के बाद मुझे भी डगआउट में बैठना पड़ा था. जब मैंने देखा कि मिताली राज को भी बाहर किया गया है तो मैंने कहा, ‘इस ग्रुप में आपका स्वागत है.’
सौरव गांगुली ने पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच को याद करते हुए कहा, ‘कप्तान आपको बाहर बैठने के लिए कहते हैं तो वैसा करो. मैंने फैसलाबाद में ऐसा किया था. मैं 15 महीने तक वनडे नहीं खेला जबकि मैं संभवत वनडे में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा था. जिंदगी में ऐसा होता है. कभी-कभी दुनिया में आपको बाहर का रास्ता भी दिखाया जाता है.’
India vs Australia: कोहली के चौके से सिडनी में जीता भारत, 1-1 से बराबर हुई टी-20 सीरीज
गांगुली ने हालांकि कहा कि मिताली के लिए रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘आपको हमेशा यह याद रखना चाहिए कि आप सर्वश्रेष्ठ हो क्योंकि आपने कुछ अच्छा किया है और मौका फिर से आएगा. इसलिए मिताली राज को बाहर बैठने के लिए कहने पर मुझे निराशा नहीं हुई. मैं मैदान पर प्रतिक्रियाओं को देखकर निराश नहीं हूं.’
गांगुली ने कहा, ‘लेकिन मुझे निराशा है कि भारत सेमीफाइनल में हार गया क्योंकि मुझे लगता है कि वह आगे बढ़ सकता था. ऐसा होता है कि क्योंकि कहा भी जाता है कि जिंदगी में कोई गारंटी नहीं है.’
क्रुणाल पंड्या का कमाल, ऑस्ट्रेलिया में बनाया यह विराट रिकॉर्ड
पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बारे में गांगुली ने कहा कि वह अब भी बड़े छक्के लगाने में सक्षम हैं और उन्हें टीम में बने रहना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘वह एक और चैंपियन है. वर्ल्ड टी-20 में जीत के बाद पिछले 12-13 वर्षों से उनका शानदार करियर रहा. जिंदगी में आप जो भी काम कर रहे हो, जहां भी हो, आप की जो भी उम्र है या आपके पास जितना भी अनुभव है आपको शीर्ष स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रखना होगा अन्यथा कोई आपका स्थान ले लेगा.’
गांगुली ने कहा, ‘मैं उन्हें शुभकामना देता हूं क्योंकि हम चाहते हैं कि चैंपियन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें. मेरा अब भी मानना है कि वह लंबे शॉट मार सकता है. वह बेजोड़ क्रिकेटर है.’
वनडे टीम की कप्तान मिताली ने पाकिस्तान और आयरलैंड के खिलाफ अर्धशतक जमाए लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम लीग मैच से विश्राम दिया गया और इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी उन्हें अंतिम एकादश में नहीं रखा गया जिसमें भारत को आठ विकेट से करारी हार झेलनी पड़ी.
गांगुली ने कहा, ‘भारत की कप्तानी करने के बाद मुझे भी डगआउट में बैठना पड़ा था. जब मैंने देखा कि मिताली राज को भी बाहर किया गया है तो मैंने कहा, ‘इस ग्रुप में आपका स्वागत है.’
सौरव गांगुली ने पाकिस्तान के खिलाफ 2006 में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच को याद करते हुए कहा, ‘कप्तान आपको बाहर बैठने के लिए कहते हैं तो वैसा करो. मैंने फैसलाबाद में ऐसा किया था. मैं 15 महीने तक वनडे नहीं खेला जबकि मैं संभवत वनडे में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा था. जिंदगी में ऐसा होता है. कभी-कभी दुनिया में आपको बाहर का रास्ता भी दिखाया जाता है.’
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गांगुली ने हालांकि कहा कि मिताली के लिए रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘आपको हमेशा यह याद रखना चाहिए कि आप सर्वश्रेष्ठ हो क्योंकि आपने कुछ अच्छा किया है और मौका फिर से आएगा. इसलिए मिताली राज को बाहर बैठने के लिए कहने पर मुझे निराशा नहीं हुई. मैं मैदान पर प्रतिक्रियाओं को देखकर निराश नहीं हूं.’
गांगुली ने कहा, ‘लेकिन मुझे निराशा है कि भारत सेमीफाइनल में हार गया क्योंकि मुझे लगता है कि वह आगे बढ़ सकता था. ऐसा होता है कि क्योंकि कहा भी जाता है कि जिंदगी में कोई गारंटी नहीं है.’
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पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बारे में गांगुली ने कहा कि वह अब भी बड़े छक्के लगाने में सक्षम हैं और उन्हें टीम में बने रहना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘वह एक और चैंपियन है. वर्ल्ड टी-20 में जीत के बाद पिछले 12-13 वर्षों से उनका शानदार करियर रहा. जिंदगी में आप जो भी काम कर रहे हो, जहां भी हो, आप की जो भी उम्र है या आपके पास जितना भी अनुभव है आपको शीर्ष स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रखना होगा अन्यथा कोई आपका स्थान ले लेगा.’
गांगुली ने कहा, ‘मैं उन्हें शुभकामना देता हूं क्योंकि हम चाहते हैं कि चैंपियन अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें. मेरा अब भी मानना है कि वह लंबे शॉट मार सकता है. वह बेजोड़ क्रिकेटर है.’
Tuesday, October 30, 2018
सोशल: सानिया-शोएब के घर आया 'सनाएब'
सानिया ने 30 अक्टूबर की सुबह एक बेटे को जन्म दिया है जिसकी जानकारी शोएब मलिक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर पर शेयर की है.
शोएब मलिक ने अपने ट्विटर पर के साथ ट्वीट किया है कि वो बेटे के जन्म की ख़बर देते हुए बेहद उत्साहित हैं. दुआओं के लिए शुक्रिया.
शादी के आठ साल बाद उनके घर पहले बच्चे के जन्म की खुशख़बरी आई है.
जब से सोशल मीडिया पर शोएब ने इसकी जानकारी दी है तब से उनके दोस्तों, रिश्तेदारों और फैंस की बधाईयों का तांता लग गया है.
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिस्माह मारूफ़ ने दोनों को बधाई दी है. इसी के साथ पाकिस्तानी कलाकार मावरा हुसैन, पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद आमिर, पाकिस्तानी खिलाड़ी सयैदानैन अबिदी, पाकिस्तानी लेखिका सारा नवीद ने भी बधाईंया दी है.
फिल्ममेकर और सानिया मिर्ज़ा की दोस्त फ़राह खान और सानिया मिर्ज़ा की बहन अनम मिर्ज़ा ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें बच्चे के साथ एक महिला का कार्टून है जिस पर लिखा है आई एम खाला.
फ़राह ने खाला बनने की खुशी में सानिया और शोएब मलिक के साथ उनके परिवारों वालों को भी बधाई दी है.
फ़राह खान लिखती है कि आखिरकार खुशख़बरी आ ही गई. उन्होंने सानिया मिर्ज़ा और शोएब मलिक को टैग किया है और नानी दादी को भी बधाईंया दी है.
समागम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, ''जैसे ही हिन्दू राजा का पतन हुआ, हिन्दुओं का भी पतन होना शुरू हो गया. आज वहां की स्थिति क्या है? कोई अपने को सुरक्षित बोल सकता है? नहीं बोल सकता.''
योगी ने कहा, ''हमें इतिहास से इन क्षणों से कुछ सीखना चाहिए...प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए...सच्चाई स्वीकार करना चाहिए, फिर इसके अनुरूप रणनीति बनाकर कार्य करना चाहिए.
आदित्यनाथ ने दावा किया कि कुछ लोग दोनों समुदायों के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं. योगी ने कहा, ''जब भी हममें भेद डालने वाले लोग सफल होंगे तो आज हम वैसे ही असुरक्षित होंगे, जैसे अफ़ग़ानिस्तान में स्थिति है आज. काबुल के भीतर हिन्दू और सिख प्रभावी थे. आज काबुल में महज 100 के आसपास हिन्दू और सिख बचे हैं और उनकी स्थिति भी दीन-हीन है.''
योगी ने कहा, ''अब कोई ऐसी ग़लती न होने दें, जो हमें कश्मीर, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की तरह लगातार परेशान करती रहे.''
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 2016 में प्रदूषित हवा से पाँच साल से नीचे के बच्चों की सबसे ज़्यादा मौत भारत में हुई है. इस रिपोर्ट में ज़हरीली हवा से बच्चों की मौत पर 194 देशों का लेखा-जोखा है.
सोमवार को जेनेवा में जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि घर के भीतर और बाहर की प्रदूषित हवा से होने वाली समस्याओं के कारण भारत में कम से कम 2016 में एक लाख बच्चों की मौत हुई है.
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को जस्टिस आर सुभाष रेड्डी, जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस अजय रस्तोगी को सुप्रीम कोर्ट के जज के लिए चुना है.
जस्टिस रेड्डी गुजरात हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश हैं तो जस्टिस गुप्ता मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश हैं. जस्टिस एम आर शाह पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश हैं और जस्टिस रस्तोगी त्रिपुरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश हैं. कॉलेजियम ने इन्हें सर्वसम्मति से चुना है.
शोएब मलिक ने अपने ट्विटर पर के साथ ट्वीट किया है कि वो बेटे के जन्म की ख़बर देते हुए बेहद उत्साहित हैं. दुआओं के लिए शुक्रिया.
शादी के आठ साल बाद उनके घर पहले बच्चे के जन्म की खुशख़बरी आई है.
जब से सोशल मीडिया पर शोएब ने इसकी जानकारी दी है तब से उनके दोस्तों, रिश्तेदारों और फैंस की बधाईयों का तांता लग गया है.
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिस्माह मारूफ़ ने दोनों को बधाई दी है. इसी के साथ पाकिस्तानी कलाकार मावरा हुसैन, पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद आमिर, पाकिस्तानी खिलाड़ी सयैदानैन अबिदी, पाकिस्तानी लेखिका सारा नवीद ने भी बधाईंया दी है.
फिल्ममेकर और सानिया मिर्ज़ा की दोस्त फ़राह खान और सानिया मिर्ज़ा की बहन अनम मिर्ज़ा ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें बच्चे के साथ एक महिला का कार्टून है जिस पर लिखा है आई एम खाला.
फ़राह ने खाला बनने की खुशी में सानिया और शोएब मलिक के साथ उनके परिवारों वालों को भी बधाई दी है.
फ़राह खान लिखती है कि आखिरकार खुशख़बरी आ ही गई. उन्होंने सानिया मिर्ज़ा और शोएब मलिक को टैग किया है और नानी दादी को भी बधाईंया दी है.
समागम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, ''जैसे ही हिन्दू राजा का पतन हुआ, हिन्दुओं का भी पतन होना शुरू हो गया. आज वहां की स्थिति क्या है? कोई अपने को सुरक्षित बोल सकता है? नहीं बोल सकता.''
योगी ने कहा, ''हमें इतिहास से इन क्षणों से कुछ सीखना चाहिए...प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए...सच्चाई स्वीकार करना चाहिए, फिर इसके अनुरूप रणनीति बनाकर कार्य करना चाहिए.
आदित्यनाथ ने दावा किया कि कुछ लोग दोनों समुदायों के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं. योगी ने कहा, ''जब भी हममें भेद डालने वाले लोग सफल होंगे तो आज हम वैसे ही असुरक्षित होंगे, जैसे अफ़ग़ानिस्तान में स्थिति है आज. काबुल के भीतर हिन्दू और सिख प्रभावी थे. आज काबुल में महज 100 के आसपास हिन्दू और सिख बचे हैं और उनकी स्थिति भी दीन-हीन है.''
योगी ने कहा, ''अब कोई ऐसी ग़लती न होने दें, जो हमें कश्मीर, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान की तरह लगातार परेशान करती रहे.''
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 2016 में प्रदूषित हवा से पाँच साल से नीचे के बच्चों की सबसे ज़्यादा मौत भारत में हुई है. इस रिपोर्ट में ज़हरीली हवा से बच्चों की मौत पर 194 देशों का लेखा-जोखा है.
सोमवार को जेनेवा में जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि घर के भीतर और बाहर की प्रदूषित हवा से होने वाली समस्याओं के कारण भारत में कम से कम 2016 में एक लाख बच्चों की मौत हुई है.
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को जस्टिस आर सुभाष रेड्डी, जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस अजय रस्तोगी को सुप्रीम कोर्ट के जज के लिए चुना है.
जस्टिस रेड्डी गुजरात हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश हैं तो जस्टिस गुप्ता मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश हैं. जस्टिस एम आर शाह पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश हैं और जस्टिस रस्तोगी त्रिपुरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश हैं. कॉलेजियम ने इन्हें सर्वसम्मति से चुना है.
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